तनाव और नींद की कमी: ब्लड शुगर स्पाइक के प्रमुख कारण
तनाव और अपर्याप्त नींद ब्लड शुगर लेवल को अचानक बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण कारक हैं, खासकर डायबिटीज रोगियों के लिए। ये दोनों कारक हार्मोनल असंतुलन पैदा कर इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ाते हैं, जिससे डाइट नियंत्रित होने पर भी शुगर स्पाइक हो जाता है।
तनाव कैसे बढ़ाता है ब्लड शुगर?
तनावग्रस्त अवस्था में शरीर कॉर्टिसोल और एड्रेनालाईन हार्मोन छोड़ता है, जो लीवर से ग्लूकोज रिलीज करवाते हैं। इससे इंसुलिन की संवेदनशीलता कम हो जाती है, भले ही भोजन न बदला हो। कार्यस्थल या पारिवारिक तनाव से सुबह खाली पेट शुगर बढ़ना आम है।
नींद की कमी का प्रभाव
रोज 6 घंटे से कम नींद लेने से इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ता है और कॉर्टिसोल लेवल ऊंचा रहता है। इससे भूख बढ़ती है, मीठा खाने की क्रेविंग होती है, जो स्पाइक को और बिगाड़ देती है। अध्ययनों में पाया गया कि नींद सुधारने से HbA1c कंट्रोल में आता है।
रोकथाम के आसान उपाय
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रोज 7-8 घंटे की नियमित नींद लें, दोपहर बाद कैफीन न लें।
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तनाव कम करने के लिए गहरी सांस, योग या वॉक करें।
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फोन बेड से 1 घंटा पहले दूर रखें, स्लीप एप्निया चेक करवाएं।
ये भारतीय डायबिटीज रोगियों के लिए स्टेविया जैसे विकल्पों के साथ उपयोगी हैं।
- https://diabetes.co.in/qna/can-stress-and-poor-sleep-raise-blood-sugar-even-if-my-diet-is-unchanged
- https://www.fitterfly.com/blog/how-stress-can-worsen-your-diabetes-in-hindi/
- https://ndtv.in/health/stress-is-the-enemy-of-diabetes-patients-rapidly-increases-blood-sugar-level-know-what-to-do-for-sugar-patients-3762824
- https://www.universityhealth.com/blog/stress-and-sleep-impact-on-blood-sugar